वक्फ संशोधन विधेयक 2025: देशभर में विरोध प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

🕌 वक्फ संशोधन विधेयक 2025: देशभर में विरोध प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट में चुनौती


देशभर में भड़का विरोध

भारत सरकार द्वारा संसद में पारित किए गए वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को लेकर देशभर में मुस्लिम समुदाय और विभिन्न संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। उनका आरोप है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाने और मुस्लिम समुदाय के धार्मिक व संवैधानिक अधिकारों का हनन करता है।

वक्फ संपत्ति से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर पढ़ें।


कोलकाता में बड़ा प्रदर्शन

कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन इतना प्रभावशाली था कि ट्रैफिक व्यवस्था तक प्रभावित हो गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह कानून मुस्लिमों के धार्मिक स्वशासन को नुकसान पहुंचाता है।

वक्फ बोर्ड से संबंधित अधिकारिक जानकारी पर भी पढ़ी जा सकती है।


हैदराबाद की प्रतिक्रिया

हैदराबाद के सईदाबाद ईदगाह में ईद की नमाज़ के बाद लोगों ने शांतिपूर्वक विरोध दर्ज कराया। AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक को “धार्मिक आज़ादी पर सीधा हमला” बताया और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

सुप्रीम कोर्ट की प्रक्रिया को जानने के लिए supremecourt.gov.in पर जाएं।


चेन्नई, अहमदाबाद और दिल्ली में लहराया विरोध का झंडा

चेन्नई, अहमदाबाद और दिल्ली में मुस्लिम संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि यह विधेयक संवैधानिक धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के विरुद्ध है। उनका मानना है कि वक्फ संपत्ति को प्रशासनिक अधिकारों में लाने का प्रयास किया जा रहा है।

भारत के संसद से जुड़ी जानकारी के लिए लोकसभा और राज्यसभा पोर्टलों पर विवरण उपलब्ध है।


AIMPLB की चेतावनी

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने विधेयक को “काला कानून” कहा और इसे कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा की है। उनका कहना है कि यह कानून वक्फ संपत्तियों को छीनने का एक वैधानिक रास्ता है।

AIMPLB ने यह भी कहा कि वे पूरे देश में कानूनी एवं जन आंदोलन छेड़ेंगे। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी इस विषय में सूचित किया गया है।


सरकार की सफाई

सरकार की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता और कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करना है। गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा कि विधेयक में धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं है।

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वक्फ संशोधन विधेयक 2025 देश की राजनीति और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए एक गंभीर बहस का विषय बन चुका है। जहां एक ओर सरकार इसे पारदर्शिता लाने वाला सुधार कह रही है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय इसे धार्मिक अधिकारों का हनन मानकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अब सभी की नजरें इस पर हैं कि क्या यह बिल संवैधानिक परीक्षणों पर खरा उतर पाएगा या नहीं।


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