ट्रंप के नए टैरिफ से प्रभावित 16 देश: देखें किसे हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कई देशों पर नए टैरिफ लागू किए हैं, जिन्हें उन्होंने ‘अमेरिका की आर्थिक सुरक्षा का कदम’ करार दिया है। इन टैरिफ का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना और व्यापार असंतुलन को कम करना है। हालांकि, इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और अमेरिका के सहयोगी देशों पर भी व्यापक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि ये टैरिफ किन देशों पर लागू हुए हैं, उनके संभावित प्रभाव क्या होंगे, और वैश्विक व्यापार पर इसका क्या असर पड़ सकता है।
नए टैरिफ का उद्देश्य और कारण
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि कई देश अमेरिकी उत्पादों पर अधिक टैरिफ लगाते हैं और अनुचित व्यापार नीतियों का पालन करते हैं। उनका मानना है कि ये टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रक्षा करेंगे और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देंगे।
इन टैरिफ का मुख्य कारण:
✅ व्यापार घाटा कम करना: अमेरिका का चीन और यूरोपीय संघ (EU) जैसे देशों के साथ व्यापार घाटा बढ़ रहा था।
✅ घरेलू उद्योगों को बढ़ावा: सस्ते आयात से अमेरिकी उद्योगों को नुकसान हो रहा था।
✅ अमेरिकी नौकरियों की रक्षा: टैरिफ से घरेलू उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, जिससे नौकरियों में इजाफा होगा।
किन देशों पर लगाए गए नए टैरिफ?
नए टैरिफ के तहत 16 देशों को लक्षित किया गया है, जिनमें प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं भी शामिल हैं।
देश | टैरिफ दर (%) |
---|---|
चीन | 54% (नया: 34%) |
यूरोपीय संघ (EU) | 20% |
कंबोडिया | 49% |
लाओस | 48% |
वियतनाम | 46% |
म्यांमार | 44% |
लेसोथो | 50% |
मेडागास्कर | 47% |
कनाडा | 25% |
मेक्सिको | 25% |
जापान | 10% |
दक्षिण कोरिया | 10% |
भारत | संभावित टार्गेट |
ब्राजील | संभावित टार्गेट |
रूस | संभावित टार्गेट |
दक्षिण अफ्रीका | संभावित टार्गेट |
(स्रोत: Reuters, The Guardian)
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
✅ शेयर बाजार में गिरावट: टैरिफ की घोषणा के बाद डॉव जोन्स 1,585 अंक गिर गया, नैस्डैक 4.5% गिरा।
✅ व्यापार युद्ध की संभावना: चीन, यूरोपीय संघ, और अन्य देश जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध छिड़ सकता है।
✅ अमेरिकी उपभोक्ताओं पर असर: टैरिफ से आयातित वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे मुद्रास्फीति बढ़ सकती है।
✅ विकासशील देशों को झटका: कंबोडिया, लाओस, और मेडागास्कर जैसे देशों की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान होगा।
(स्रोत: Firstpost, Tax Foundation)
भारत पर प्रभाव
भारत सीधे ‘डर्टी-15’ सूची में शामिल नहीं है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि भविष्य में भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ सकते हैं। यदि ऐसा हुआ, तो भारतीय टेक्सटाइल, स्टील, और फार्मा सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं।
(स्रोत: Economic Times)
क्या यह अमेरिका के लिए फायदेमंद होगा?
✔ लाभ:
✅ अमेरिकी कंपनियों को घरेलू बाजार में बढ़त मिलेगी।
✅ कुछ अमेरिकी उद्योगों (जैसे स्टील और ऑटोमोबाइल) को फायदा होगा।
❌ नुकसान:
🚫 अमेरिकी उपभोक्ताओं को महंगे उत्पाद खरीदने पड़ेंगे।
🚫 टैरिफ के कारण अन्य देश भी अमेरिका पर शुल्क बढ़ा सकते हैं।
(स्रोत: BBC News)
राष्ट्रपति ट्रंप की नई टैरिफ नीति से वैश्विक व्यापार संतुलन प्रभावित हो सकता है। हालांकि अमेरिका इसे अपनी आर्थिक सुरक्षा का एक कदम मान रहा है, लेकिन इससे अन्य देशों के साथ तनाव बढ़ सकता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है।
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