सलमान खान की घड़ी पर विवाद: इस्लाम, आधुनिकता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बहस

सलमान खान की घड़ी पर विवाद: इस्लाम, आधुनिकता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बहस


बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान अक्सर चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार वह अपनी किसी फिल्म या बयान की वजह से नहीं, बल्कि अपनी घड़ी के कारण विवादों में घिर गए हैं। उनकी घड़ी पर अयोध्या स्थित राम मंदिर की तस्वीर होने के कारण धार्मिक समुदायों के बीच बहस छिड़ गई है। यह विवाद इस्लाम, आधुनिकता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन को लेकर गंभीर प्रश्न उठाता है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

हाल ही में सलमान खान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए, जहां उन्होंने एक घड़ी पहनी थी, जिस पर राम मंदिर की तस्वीर उकेरी गई थी। इस तस्वीर के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही कुछ इस्लामी विद्वानों और मौलानाओं ने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि इस्लाम में मूर्तिपूजा का कोई स्थान नहीं है और किसी धार्मिक प्रतीक वाली वस्तु को पहनना शरीयत के खिलाफ माना जाता है।

धार्मिक दृष्टिकोण

इस विवाद को लेकर कई इस्लामी धर्मगुरुओं ने अपने विचार व्यक्त किए हैं। कुछ मौलानाओं का कहना है कि इस्लाम में किसी भी जीवित प्राणी या धार्मिक स्थल की छवि को धारण करना सही नहीं माना जाता। उनका मानना है कि सलमान खान को अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप आचरण करना चाहिए।

हालांकि, कुछ उदारवादी विचारकों का कहना है कि इस्लाम व्यक्तिगत आस्था का विषय है और इसे किसी पर थोपना उचित नहीं। वे मानते हैं कि यह सलमान खान की व्यक्तिगत पसंद है और उन्हें इसे पहनने का अधिकार है।

आधुनिकता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का पहलू

इस पूरे विवाद को लेकर एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जो इसे सलमान खान की व्यक्तिगत पसंद और आधुनिकता से जोड़कर देख रहा है।

फैशन डिज़ाइनर और सामाजिक कार्यकर्ता रिया सेन का कहना है कि “हर व्यक्ति को अपनी पसंद के अनुसार कपड़े पहनने और एक्सेसरीज़ चुनने का अधिकार है। सलमान खान का घड़ी पहनना उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है और इसे धार्मिक विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।”

दूसरी ओर, कई सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि किसी भी धर्म को लेकर संवेदनशील मुद्दों पर सार्वजनिक हस्तियों को सतर्क रहना चाहिए।

सलमान खान और विवाद

यह पहली बार नहीं है जब सलमान खान किसी विवाद में फंसे हैं। इससे पहले भी उनके बयान और कार्य विवादों में रहे हैं:

  • 26/11 हमले पर बयान: सलमान खान ने कहा था कि इस घटना को इसलिए ज्यादा तूल मिला क्योंकि इसमें अमीर और विदेशी लोग शामिल थे। इस बयान पर काफी विवाद हुआ था।
  • ‘रेप पीड़िता जैसा महसूस होता है’ बयान: फिल्म ‘सुल्तान’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने कहा था कि उन्हें इतना थकान महसूस हुई, जैसे किसी ‘रेप पीड़िता’ को होती है। उनके इस बयान पर जबरदस्त आलोचना हुई थी।
  • युद्ध पर टिप्पणी: ‘ट्यूबलाइट’ फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने कहा था कि जो लोग युद्ध का आदेश देते हैं, उन्हें खुद युद्ध के मैदान में भेज देना चाहिए।

सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर सलमान खान की घड़ी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे उनकी स्वतंत्रता का हनन मानते हैं, तो कुछ इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम बताते हैं।

समर्थकों की राय: सलमान खान के फैंस और समर्थक इस विवाद को गैर-जरूरी मानते हैं। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी पसंद के अनुसार चीजें पहनने और दिखाने का अधिकार होना चाहिए।

विरोधियों की राय: कुछ लोग मानते हैं कि सार्वजनिक हस्तियों को अपनी लोकप्रियता का ध्यान रखते हुए ऐसे प्रतीकों का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए, जो किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं।


सलमान खान की घड़ी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद न केवल धार्मिक मान्यताओं बल्कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आधुनिकता के टकराव का उदाहरण बन गया है। यह बहस इस बात को दर्शाती है कि एक धर्मनिरपेक्ष समाज में धार्मिक भावनाओं और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है।

अभी तक सलमान खान की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। देखना यह होगा कि क्या वह इस मामले में सफाई देंगे या फिर इसे अनदेखा करना ही बेहतर समझेंगे।


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