म्यांमार में फिर आया भूकंप: अब तक 3 बार हिली धरती, 5.1 तीव्रता के झटके
म्यांमार की राजधानी नेप्यीडॉ में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इस भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई, जिससे राजधानी और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
भूकंप का केंद्र और प्रभाव
म्यांमार के मौसम और भूविज्ञान विभाग के अनुसार, भूकंप का केंद्र राजधानी नेप्यीडॉ से कुछ किलोमीटर दूर स्थित था। स्थानीय समयानुसार भूकंप सुबह 5:30 बजे आया, जिसके झटके कई सेकंड तक महसूस किए गए।
प्रभावित क्षेत्र:
- नेप्यीडॉ और आसपास के शहरों में हल्के से मध्यम झटके महसूस किए गए।
- कुछ इमारतों में हल्की दरारें आईं, लेकिन कोई बड़ी क्षति नहीं हुई।
- लोगों ने घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले मैदानों में शरण ली।
विशेषज्ञों की राय
भूवैज्ञानिकों का कहना है कि म्यांमार भूकंप संभावित क्षेत्र (Seismic Zone) में आता है, इसलिए यहां इस तरह के झटके सामान्य हैं। हाल के वर्षों में क्षेत्र में कई मध्यम और बड़े भूकंप आ चुके हैं।
भूकंप के कारण:
- म्यांमार इंडो-ऑस्ट्रेलियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव क्षेत्र में स्थित है।
- प्लेटों की हलचल के कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं।
हालिया भूकंपों का विश्लेषण
म्यांमार में हाल के कुछ वर्षों में कई बड़े भूकंप आए हैं:
- अक्टूबर 2023: 6.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे कई इमारतों को नुकसान हुआ।
- जून 2024: 5.5 तीव्रता के भूकंप ने यांगून और मंडाले में हल्की तबाही मचाई।
आपदा प्रबंधन और सुरक्षा उपाय
सरकार ने भूकंप से बचाव और आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
सावधानी बरतने के उपाय:
- इमारतों को भूकंप-रोधी बनाया जाए।
- लोगों को जागरूक किया जाए कि भूकंप के दौरान कैसे सुरक्षित रहें।
- आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
म्यांमार में बार-बार आने वाले भूकंप इस बात की चेतावनी देते हैं कि देश को भूकंप-रोधी संरचनाओं और आपदा प्रबंधन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की राय में, सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में भूकंप से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
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