शव यात्रा में BJP नेताओं की हाथापाई का वीडियो वायरल, आगरा में सियासी अखाड़ा बना अंतिम संस्कार

शव यात्रा में BJP नेताओं की हाथापाई का वीडियो वायरल, आगरा में सियासी अखाड़ा बना अंतिम संस्कार


Agra News | UP News: आगरा में लोकतंत्र रक्षक सेनानी चिरंजीलाल कुशवाहा की अंतिम यात्रा के दौरान ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने सबको चौंका दिया। बीजेपी के दो दिग्गज नेता – विधायक जीएस धर्मेश और पूर्व मंत्री रामबाबू हरित – आपस में भिड़ गए। बात इतनी बढ़ी कि हाथापाई तक पहुंच गई और यह पूरा वाकया कैमरे में कैद हो गया। वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

शव यात्रा में हाथापाई का वीडियो वायरल

मंगलवार को आगरा में 94 वर्षीय लोकतंत्र रक्षक सेनानी चिरंजीलाल कुशवाहा की शव यात्रा निकाली जा रही थी। इस दौरान बीजेपी विधायक जीएस धर्मेश और पूर्व मंत्री रामबाबू हरित के बीच किसी बात को लेकर बहस छिड़ गई। पहले तो यह बहस तीखी नोकझोंक तक सीमित रही, लेकिन कुछ ही क्षणों में मामला धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुंच गया। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को बीच-बचाव कर दोनों नेताओं को अलग करना पड़ा।

शव यात्रा बनी सियासी अखाड़ा, जनता में रोष

शव यात्रा में इस तरह के विवाद ने जनता में आक्रोश पैदा कर दिया है। आम जनता का कहना है कि यह अंतिम यात्रा सम्मान का अवसर था, लेकिन नेताओं ने इसे राजनीतिक अखाड़ा बना दिया। सोशल मीडिया पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर नेताओं को संयम नहीं बरतना चाहिए?

कैसे शुरू हुआ विवाद?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शव यात्रा के दौरान बीजेपी विधायक जीएस धर्मेश ने पूर्व मंत्री रामबाबू हरित से हाथ मिलाने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों के बीच कुछ तीखी बातें हुईं, जिसके बाद माहौल गर्मा गया और दोनों नेताओं में हाथापाई शुरू हो गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहा है। लोग इसे बीजेपी नेताओं की असंवेदनशीलता करार दे रहे हैं और कड़ी आलोचना कर रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों नेता एक-दूसरे को धक्का देते नजर आ रहे हैं।

🔗 वायरल वीडियो देखें:

जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

  • एक यूजर ने लिखा, “ये लोग जनप्रतिनिधि हैं या पहलवान? शव यात्रा में भी इनका अहंकार खत्म नहीं हुआ!”
  • दूसरे ने कहा, “अगर नेता ही ऐसी हरकत करेंगे तो जनता से क्या उम्मीद करें?”
  • कुछ लोगों ने इसे बीजेपी के अंदरूनी मतभेद का परिणाम बताया।

आगरा प्रशासन ने क्या कहा?

इस विवाद के बाद आगरा प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दोनों पक्षों से बात की जाएगी और अगर जरूरत पड़ी तो उचित कार्रवाई भी की जाएगी।

क्या यह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का नतीजा है?

बीजेपी के अंदर इस घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ लोग इसे पार्टी के अंदरूनी मतभेद के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे महज एक तात्कालिक गुस्से की घटना मान रहे हैं।

लोकतंत्र रक्षक सेनानी की शव यात्रा को बीजेपी नेताओं ने सियासी अखाड़ा बना दिया, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे जनप्रतिनिधि सार्वजनिक स्थानों पर मर्यादा का पालन कर सकते हैं या नहीं? अब देखना यह होगा कि पार्टी इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है।


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