कुणाल कामरा पर FIR, तो मोदी-शाह पर क्यों नहीं? – संजय राउत का तंज
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल मची हुई है। मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा के एक वीडियो को लेकर विवाद गरमा गया है। उन्होंने अपने शो ‘नया भारत’ में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तंज कसा, जिसके बाद उन पर एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले को लेकर शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कुणाल कामरा पर केस दर्ज हो सकता है, तो फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर भी केस क्यों नहीं होता?
संजय राउत ने उठाए सवाल
शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा, “अगर कुणाल कामरा की टिप्पणी से किसी की भावनाएं आहत होती हैं, तो फिर मोदी और शाह की बयानबाज़ी पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। क्या एकनाथ शिंदे के विधान परिषद में दिए गए बयान पर केस दर्ज किया जाएगा?”
संजय राउत का मानना है कि यह अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है और महाराष्ट्र सरकार जानबूझकर ऐसे मुद्दों को तूल दे रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में गुंडाराज चल रहा है और पुलिस प्रशासन सरकार के इशारों पर काम कर रहा है।
कुणाल कामरा के विवादित गाने
कुणाल कामरा अपने व्यंग्यात्मक गीतों और कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने ‘नया भारत’ शो में कुछ ऐसे गाने गाए, जिन्होंने विवाद खड़ा कर दिया। आइए नज़र डालते हैं उनके कुछ चर्चित गानों पर:
1. एकनाथ शिंदे पर व्यंग्य
कामरा ने एक गाना गाया जिसमें उन्होंने एकनाथ शिंदे को “गद्दार” बताया। गाने के बोल इस प्रकार थे:
“ठाणे की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी, आंखों पर चश्मा हाय! एक झलक दिखलाए कभी, गुवाहाटी में छुप जाए।”
इस गाने को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक भूचाल आ गया। बीजेपी और शिंदे गुट के नेताओं ने कामरा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
2. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष
“झूठा हूं मैं, कातिल भी हूं, सब घोटालों में शामिल भी हूं। एमपी चुराना, वॉइस दबाना, बस यही मेरा कसूर।”
इस गाने को लेकर भाजपा समर्थकों ने नाराज़गी जताई और इसे ‘देशद्रोह’ करार दिया।
3. संघ पर निशाना
“हम होंगे कंगाल, हम होंगे कंगाल एक दिन… मन में अंधविश्वास, देश का सत्यानाश हम होंगे कंगाल एक दिन।”
इस गाने में उन्होंने संघ और उसके विचारधारा पर सवाल उठाए, जिससे आरएसएस समर्थकों में रोष देखने को मिला।
4. CBI और ED पर तंज
“CBI जो पीछे लग जाए, या ED तुझे सताए, आजा प्यारे पास हमारे, काहे घबराए?”
कामरा का यह गाना सरकार के विरोधियों पर हो रही केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर कटाक्ष था।
5. मुख्यमंत्री को लेकर टिप्पणी
“मुख्यमंत्री को देखा तो ऐसा लगा… जैसे जलता गुजरात, जैसे मणिपुर में रात, जैसे नफरत की बात, जैसे छीने हों वोट।”
इस गाने से भाजपा समर्थक भड़क उठे और इसे ‘सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने’ की कोशिश बताया।
संजय राउत का तीखा हमला
संजय राउत ने कहा कि कुणाल कामरा ने शिवसेना (UBT) और अन्य विपक्षी नेताओं पर भी व्यंग्य किए हैं, लेकिन हमने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने सवाल किया कि अगर भाजपा सरकार अभिव्यक्ति की आज़ादी की इतनी ही पक्षधर है, तो फिर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती?
उन्होंने कहा, “अगर पुलिस निष्पक्ष होती, तो एकनाथ शिंदे के बयान और भाजपा नेताओं की विवादास्पद टिप्पणियों पर भी केस दर्ज होता।”
महाराष्ट्र पुलिस की भूमिका पर सवाल
संजय राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र पुलिस पूरी तरह से सरकार के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा:
- मुंबई पुलिस आयुक्त को तुरंत हटाया जाना चाहिए।
- स्टूडियो पर हमला करने वालों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
- पुलिस अधिकारी मामले में निष्पक्ष जांच करें।
उन्होंने गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र को एक कमजोर गृहमंत्री मिला है।
क्या होगा आगे?
कुणाल कामरा पर दर्ज एफआईआर ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्ष इसे ‘तानाशाही’ करार दे रहा है, जबकि भाजपा और शिंदे गुट इसे ‘मर्यादा का उल्लंघन’ बता रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पुलिस इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगी या फिर यह विवाद राजनीतिक रंग लेगा।
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