Earthquake Alert: सुबह-सुबह कांपी धरती! भारत में भूकंप के झटके, लोग घरों से बाहर भागे

Earthquake Alert: सुबह-सुबह कांपी धरती! भारत में भूकंप के झटके, लोग घरों से बाहर भागे


Earthquake News: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में सोमवार (24 मार्च) की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई। भूकंप का असर इतना था कि लोग अपनी नींद से जागकर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, किसी प्रकार की जान-माल की हानि की सूचना नहीं मिली है।

लद्दाख में सुबह-सुबह भूकंप, जानिए पूरी जानकारी

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप सुबह 4 बजकर 32 मिनट 58 सेकंड पर आया। इसका केंद्र लद्दाख की राजधानी लेह में 34.35 उत्तरी अक्षांश और 78.06 पूर्वी देशांतर पर 10 किमी की गहराई में स्थित था। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग दहशत में घरों से बाहर आ गए। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम हालात पर नजर बनाए हुए है।

National Center for Seismology द्वारा पोस्ट की गई जानकारी देखें

लद्दाख: भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र

लद्दाख हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जिससे यह भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस क्षेत्र में छोटे-छोटे भूकंप आना आम बात है, लेकिन बड़े भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। इस बार आए भूकंप की तीव्रता 3.6 थी, जो नुकसानदेह नहीं मानी जाती।

भूकंप क्यों आते हैं? जानें वैज्ञानिक कारण

भूकंप आने के पीछे पृथ्वी की आंतरिक गतिविधियां जिम्मेदार होती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, धरती के नीचे 12 टैक्टोनिक प्लेटें होती हैं, जो लगातार गतिशील रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या खिसकती हैं, तो ऊर्जा निकलती है, जिससे भूकंप उत्पन्न होता है।

भूकंप से कैसे बचें? अपनाएं ये सुरक्षा उपाय

  1. भूकंप के दौरान – सुरक्षित स्थान पर चले जाएं, किसी मजबूत टेबल या बेड के नीचे शरण लें।
  2. इमारत से बाहर निकलते समय – लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, सीढ़ियों का प्रयोग करें।
  3. खुली जगह पर रहें – बिल्डिंग, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  4. आपातकालीन किट तैयार रखें – पानी, खाद्य सामग्री, टॉर्च और फर्स्ट एड बॉक्स रखें।

भारत में हाल के भूकंपों की स्थिति

भारत एक भूकंपीय सक्रिय क्षेत्र में आता है, जहां समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।

  • हाल ही में आए प्रमुख भूकंप:
    • उत्तराखंड: 4.5 तीव्रता (मार्च 2025)
    • दिल्ली-एनसीआर: 3.2 तीव्रता (फरवरी 2025)
    • गुजरात: 5.0 तीव्रता (जनवरी 2025)

लद्दाख समेत पूरे हिमालयी क्षेत्र में भूकंप की संभावना हमेशा बनी रहती है। हालांकि, इस बार आए भूकंप से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी है।


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