अजित पवार की कड़ी चेतवानी: ‘जो मुस्लिम भाई-बहनों को आंख दिखाएगा, उसे माफ नहीं किया जाएगा’

अजित पवार की कड़ी चेतवानी: ‘जो मुस्लिम भाई-बहनों को आंख दिखाएगा, उसे माफ नहीं किया जाएगा’


औरंगजेब विवाद के बीच अजित पवार का बड़ा बयान, ईद को लेकर भी दिया संदेश

महाराष्ट्र में इन दिनों मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा के बाद माहौल गर्माया हुआ है। इस बीच, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी चीफ अजित पवार ने इफ्तार पार्टी के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने मुस्लिम समुदाय को आश्वस्त करते हुए कहा कि “जो भी मुस्लिम भाई-बहनों को आंख दिखाएगा, उसे माफ नहीं किया जाएगा।”

इफ्तार पार्टी में अजित पवार का संदेश

शुक्रवार को मुंबई के मरीन लाइन्स में आयोजित इफ्तार पार्टी के दौरान अजित पवार ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और सौहार्द पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “भारत विविधता में एकता का प्रतीक है। हमें किसी भी विभाजनकारी ताकतों के जाल में नहीं फंसना चाहिए।”

अजित पवार ने कहा,
“हमने अभी-अभी होली मनाई है, अब गुड़ी पड़वा और ईद आ रही है। ये सभी त्योहार हमें एक साथ रहना सिखाते हैं। हमें इन्हें मिलकर मनाना चाहिए, क्योंकि एकता ही हमारी असली ताकत है। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपका भाई अजित पवार हमेशा आपके साथ खड़ा है।”

👉 वीडियो लिंक: Sarkarnama ( Marathi News Channel ) :

‘जो मुस्लिमों को धमकाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा’

इफ्तार के दौरान बोलते हुए अजित पवार ने दो टूक कहा,
“अगर कोई भी हमारे मुस्लिम भाइयों और बहनों को धमकाने की कोशिश करेगा, दो गुटों में झगड़ा कराकर अमन-शांति को भंग करेगा और कानून हाथ में लेगा, तो उसे किसी भी सूरत में माफ नहीं किया जाएगा।”

महाराष्ट्र में औरंगजेब विवाद क्यों गर्माया?

महाराष्ट्र में ‘छावा’ फिल्म की रिलीज़ के बाद औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद और तेज हो गया है। हिंदू संगठनों ने मुगल शासक औरंगजेब की कब्र को गिराने की मांग की है।

फिल्म ‘छावा’, छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित है। इस फिल्म ने संभाजी महाराज की वीरता को उजागर किया, जिससे राज्य में औरंगजेब विरोधी भावनाएं तेज हो गई हैं।

नागपुर में भड़की हिंसा, पुलिसकर्मी घायल

यह विवाद तब और गंभीर हो गया जब नागपुर के चिटनिस पार्क, महल इलाके में दो समुदायों के बीच झड़प हो गई। यह हिंसा कुछ धार्मिक चीजों को जलाने की कथित घटना के बाद हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

नितेश राणे के बयान पर अजित पवार का जवाब

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान दिया था कि “मुसलमान छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना का हिस्सा नहीं थे।” इस पर अजित पवार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह बयान महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत और साम्प्रदायिक सौहार्द के खिलाफ है।

अजित पवार ने कहा,
“शिवाजी महाराज ने कभी जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया। उन्होंने सभी को समान अवसर दिए। महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में देशभक्त मुस्लिम रहते हैं। ऐतिहासिक प्रमाण बताते हैं कि छत्रपति शिवाजी महाराज के शासन में कई मुस्लिमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।”

ईद के मौके पर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

अजित पवार ने कहा कि रमजान केवल एक धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता, त्याग और आत्म-अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने सभी से ईद के मौके पर सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखने की अपील की।


निष्कर्ष

महाराष्ट्र में औरंगजेब विवाद के बीच अजित पवार का यह बयान सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी मुस्लिम समुदाय को धमकाने की कोशिश करेगा, उसे माफ नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने ईद के मौके पर शांति और भाईचारे का संदेश भी दिया।

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