9 महीने बाद Sunita Williams की वापसी: डॉल्फिन्स ने किया स्वागत, एलन मस्क ने शेयर किया वीडियो
Sunita Williams की ऐतिहासिक वापसी
अंतरिक्ष यात्रा के नौ महीने बाद, भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री Sunita Williams सफलतापूर्वक धरती पर लौट आई हैं। स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल जब फ्लोरिडा के समुद्र में उतरा, तो यह न केवल विज्ञान की अद्भुत उपलब्धि थी, बल्कि एक अविश्वसनीय दृश्य भी बना। जैसे ही कैप्सूल ने समुद्र की सतह को छुआ, डॉल्फिन्स का एक समूह वहां दिखाई दिया, मानो वे Sunita Williams की वापसी का स्वागत कर रहे हों।
17 घंटे की अंतरिक्ष यात्रा का समापन
Sunita Williams और बुच विल्मोर, जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में लगभग 9 महीने से थे, आखिरकार सफलतापूर्वक धरती पर लौट आए। यह सफर 17 घंटे लंबा था और इसे विज्ञान के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। यह मिशन नासा और स्पेसएक्स के संयुक्त प्रयास का नतीजा था, जिसमें एलन मस्क की कंपनी स्पेसX ने अपनी तकनीक का अद्भुत प्रदर्शन किया।
लाइव टेलीकास्ट में दिखा ऐतिहासिक पल
भारत समेत दुनिया भर के करोड़ों लोगों ने नासा के लाइव टेलीकास्ट में Sunita Williams की वापसी को देखा। जैसे ही ड्रैगन कैप्सूल ने समुद्र में स्प्लैशडाउन किया, कंट्रोल रूम से घोषणा हुई:
“… और यह स्प्लैशडाउन है, क्रू-9 धरती पर आ चुका है।”
इसके तुरंत बाद, कंट्रोल सेंटर ने सभी अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत करते हुए कहा:
“निक, एलेक्ज़, बुच और Sunita… स्पेसएक्स की ओर से घर वापस आने का स्वागत है।”
एलन मस्क ने शेयर किया वीडियो
एलन मस्क ने Sunita Williams की वापसी का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर शेयर किया। वीडियो में डॉल्फिन्स को कैप्सूल के चारों ओर तैरते और उछलते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो देखें :
Astronauts greeted by Dolphins 🐬 pic.twitter.com/AZB4D7opgv
— Rob Schmitt (@SchmittNYC) March 18, 2025
अंतरिक्ष में अटकी Sunita की वापसी कैसे संभव हुई?
Sunita Williams को शुरुआत में महज 8 दिनों के लिए ISS भेजा गया था, लेकिन उनका मिशन बोइंग स्टारलाइनर यान की तकनीकी खराबी के कारण लंबा हो गया। आखिरकार, डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद, इस मिशन को एलन मस्क को सौंपा गया और 19 मार्च 2025 को इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
वीडियो देखें :
A pod of Dolphins stopped by to say welcome home to the Astronauts! 🐬 pic.twitter.com/0XXdMJbKG8
— DogeDesigner (@cb_doge) March 18, 2025
कैसे हुई ड्रैगन कैप्सूल की लैंडिंग?
ड्रैगन कैप्सूल की पृथ्वी पर वापसी एक जटिल प्रक्रिया थी। जब यह पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर रहा था, तब इसकी रफ्तार 27,000 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जो धीरे-धीरे नियंत्रित की गई।
- वायुमंडल में प्रवेश:
- कैप्सूल जब बाह्यमंडल (Exosphere) में प्रवेश करता है, तो हल्का घर्षण महसूस करता है।
- तापमंडल (Thermosphere) में आते ही इसकी सतह पर 1,650 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान हो जाता है।
- हीट शील्ड PICA-X (Phenolic Impregnated Carbon Ablator) तकनीक से बनी होती है, जो इस गर्मी को अवशोषित कर अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रखती है।
- गति नियंत्रित करने के लिए पैराशूट का उपयोग:
- पृथ्वी के क्षोभमंडल (Troposphere) में प्रवेश करते ही ड्रैगन कैप्सूल की गति धीमी करने के लिए पहले दो छोटे ड्रोग पैराशूट खुले।
- फिर, मुख्य पैराशूट खुले जिससे गति और भी नियंत्रित हो गई।
- अंततः, सुबह 3:58 बजे, कैप्सूल फ्लोरिडा के समुद्र में उतर गया।
वीडियो देखें :
Splashdown of Dragon confirmed – welcome back to Earth, Nick, Suni, Butch, and Aleks! pic.twitter.com/M4RZ6UYsQ2
— SpaceX (@SpaceX) March 18, 2025
कम्युनिकेशन ब्लैकआउट का रहस्य
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, जब ड्रैगन कैप्सूल वायुमंडल में प्रवेश कर रहा था, उस दौरान कम्युनिकेशन ब्लैकआउट हो गया था। यह ब्लैकआउट करीब 3:20 बजे हुआ और कुछ मिनटों बाद पुनः स्थापित हो गया।
डॉल्फिन्स का स्वागत – संयोग या विज्ञान?
जब Sunita Williams की वापसी का कैप्सूल समुद्र में उतरा, तब डॉल्फिन्स का समूह वहां तैरता दिखा। यह दृश्य देखकर ऐसा लगा मानो वे Sunita और उनके साथियों का स्वागत कर रहे हों। वैज्ञानिकों का मानना है कि डॉल्फिन्स समुद्री सतह पर होने वाले कंपन और ध्वनि परिवर्तनों को महसूस कर सकती हैं, इसलिए वे कैप्सूल के उतरने पर वहां पहुंच गईं।
अंतरिक्ष से धरती तक – एक प्रेरणादायक कहानी
Sunita Williams की यह यात्रा विज्ञान की महानता और इंसानी हिम्मत का बेहतरीन उदाहरण है। यह मिशन सिर्फ अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए नहीं, बल्कि भविष्य में मंगल और चंद्रमा तक जाने वाली उड़ानों के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इस सफल मिशन के साथ, अब अंतरिक्ष यात्रा का भविष्य और भी उज्जवल दिखता है। Sunita Williams की यह वापसी विज्ञान और अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है।
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