सुनीता विलियम्स के लिए ममता बनर्जी की ‘भारत रत्न’ की मांग
सुनीता विलियम्स की वापसी पर खुशी की लहर
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) के लिए भारत रत्न की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुनीता भारतीय मूल की हैं और उनके शानदार योगदान को देखते हुए उन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने विधानसभा में कहा, “मैं भारत सरकार से अपील करती हूं कि सुनीता विलियम्स को भारत रत्न दिया जाए। वह हमारी बेटी हैं और पूरे देश को उन पर गर्व है।”
सुनीता विलियम्स और अंतरिक्ष में संघर्ष
नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स करीब 9 महीने तक अंतरिक्ष में फंसी रहीं और अब उनकी सुरक्षित पृथ्वी वापसी पर पूरे देश में खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर लिखा, “सुनीता विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्रियों का इतने दिनों के बाद आखिरकार सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर स्वागत है। हमारी भारत की बेटी हमारे पास वापस आ गई है, और हम बेहद खुश और उत्साहित हैं।”
ममता बनर्जी का ट्वीट :
Welcome Sunita Williams and Butch Wilmore back to earth, finally and safely, after so many days.
Our daughter of India returns to us, and we are deeply deeply happy and elated. We are profoundly happy for Butch Wilmore also. Hail their courage, hail their return, hail human…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) March 19, 2025
कल्पना चावला से तुलना
ममता बनर्जी ने अपने बयान में कल्पना चावला का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, “हम सभी जानते हैं कि कल्पना चावला अंतरिक्ष में गई थीं, लेकिन एक हादसे में उनकी जान चली गई। हमें गर्व है कि भारतीय मूल की महिलाएं अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ा योगदान दे रही हैं।”
उन्होंने यह भी कहा, “मुझे जानकारी मिली है कि वापसी के दौरान सुनीता विलियम्स के स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी खराबी आ गई थी। अगर यह सही है, तो यह बेहद डरावनी स्थिति थी। कल्पना चावला के साथ भी ऐसा ही हुआ था। हम शुक्रगुजार हैं कि इस बार सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित लौट आए।”
अंतरिक्ष यात्रियों के साहस की सराहना
ममता बनर्जी ने कहा, “हमें उन सभी अंतरिक्ष यात्रियों के साहस और समर्पण को सलाम करना चाहिए। उनकी मेहनत मानवता के लिए प्रेरणादायक है। हमें बचाव दल की भी सराहना करनी चाहिए, जिन्होंने इस मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।”
भारत में अंतरिक्ष विज्ञान और भविष्य की संभावनाएं
भारत पहले ही चंद्रयान और मंगलयान मिशन जैसी सफलताएं हासिल कर चुका है। अब समय आ गया है कि हम और आगे बढ़ें और भारतीय मूल के वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों को और अधिक प्रोत्साहन दें। ममता बनर्जी का मानना है कि भारत को अंतरिक्ष अनुसंधान में निवेश बढ़ाना चाहिए और ऐसे टैलेंट को आगे लाने के लिए विशेष योजनाएं बनानी चाहिए।
‘हर चीज पर जीएसटी…’ ममता का केंद्र पर हमला
इसी चर्चा के दौरान ममता बनर्जी ने जीएसटी (GST) की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “आज देश में हर चीज पर जीएसटी लगा दिया गया है, जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अगर कोई व्यक्ति 100 रुपये कमाता है, तो 40 रुपये टैक्स में चला जाता है। लोग कर्ज के बोझ तले दबे हैं और ब्याज चुकाने में असमर्थ हैं। इस वजह से आत्महत्याएं तक हो रही हैं।”
उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “साड़ी, मिठाई, खाने-पीने की चीजों पर जीएसटी लगा दिया गया है, लेकिन मेडिक्लेम और हाउसिंग लोन पर राहत नहीं दी जा रही। सरकार को आम आदमी के बारे में भी सोचना चाहिए।”
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान भारत में अंतरिक्ष विज्ञान, सुनीता विलियम्स का सम्मान और आर्थिक नीतियों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। सुनीता विलियम्स की वापसी भारत के लिए गर्व की बात है, और उनके योगदान को सराहना मिलनी चाहिए। क्या भारत सरकार उन्हें भारत रत्न देने पर विचार करेगी? यह देखना दिलचस्प होगा।
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