विनेश फोगाट कुश्ती विवाद 2025: ‘सदन कोई बड़ी चीज नहीं, खिलाड़ियों का हक है प्राथमिकता’
विनेश फोगाट कुश्ती विवाद 2025: कुश्ती संघ में अनियमितताओं पर नाराजगी
विनेश फोगाट कुश्ती विवाद 2025 के दौरान हरियाणा विधानसभा सत्र में कांग्रेस विधायक और ओलिंपियन विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने कुश्ती संघ में हो रही अनियमितताओं पर जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यदि बृजभूषण शरण सिंह जैसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो वे सदन छोड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगी। विनेश फोगाट ने कहा, “मेरे लिए खिलाड़ियों का हक सबसे बड़ी लड़ाई है।”
‘बृजभूषण का फेडरेशन पर दबदबा’
विनेश फोगाट ने आरोप लगाया कि बृजभूषण शरण सिंह का कुश्ती फेडरेशन पर अब भी दबदबा है। उन्होंने कहा, “बृजभूषण पर्दे के पीछे से अभी भी काम कर रहे हैं। वर्तमान में जो फेडरेशन अध्यक्ष हैं, वे बृजभूषण के ही समर्थक हैं। बृजभूषण ने खुद स्वीकार किया है कि फेडरेशन पर उनका प्रभाव आज भी बना हुआ है।”
विनेश फोगाट ने बृजभूषण की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेरिस ओलिंपिक के दौरान भी वे वहां मौजूद थे और पीछे से सभी निर्णयों में उनकी भूमिका थी।
‘राजनीति में मुख्यमंत्री बनने नहीं आई हूं’
विनेश फोगाट ने स्पष्ट किया कि वे राजनीति में मुख्यमंत्री या मंत्री बनने नहीं आई हैं। उन्होंने कहा, “मैं खिलाड़ियों की आवाज बनने के लिए राजनीति में आई हूं। मेरे लिए यह लड़ाई किसी भी राजनीतिक पद से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। जब तक कुश्ती फेडरेशन निष्पक्ष नहीं होता, मेरी लड़ाई जारी रहेगी।”
‘सदन कोई बड़ी चीज नहीं, खिलाड़ियों का सम्मान जरूरी’
विनेश फोगाट ने कहा कि उनके लिए सदन से ज्यादा अहम खिलाड़ियों का सम्मान और हक है। उन्होंने कहा, “अगर खिलाड़ियों के साथ अन्याय होता है तो मैं किसी भी राजनीतिक पद की परवाह नहीं करूंगी। मैं सदन छोड़ने से भी पीछे नहीं हटूंगी। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि खिलाड़ी बिना किसी दबाव के खेल सकें।”
कुश्ती संघ से निष्पक्षता की मांग
विनेश फोगाट ने कुश्ती संघ से निष्पक्षता की मांग की है। उन्होंने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह जैसे प्रभावशाली लोगों का हस्तक्षेप समाप्त होना चाहिए ताकि खिलाड़ी बिना किसी दबाव के अपने खेल पर ध्यान दे सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाली पीढ़ी को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए वर्तमान में बदलाव जरूरी है।
निष्कर्ष
विनेश फोगाट का यह साहसिक कदम खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे न्याय और निष्पक्षता के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं। कुश्ती फेडरेशन में निष्पक्षता लाना और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करना ही उनका उद्देश्य है।
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