ट्रंप-जेलेंस्की की तीखी बहस: क्या अमेरिका अब यूक्रेन की मदद करेगा?

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वॉशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच हुई बैठक विवादों में घिर गई। माना जा रहा था कि जेलेंस्की अमेरिका से आर्थिक और सैन्य सहायता सुनिश्चित करने पहुंचे थे। हालांकि, बैठक के दौरान तीखी बहस के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया।

अब सवाल उठता है – क्या अमेरिका यूक्रेन की मदद जारी रखेगा?

व्हाइट हाउस में ट्रंप-जेलेंस्की की बैठक बनी विवाद की वजह

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जेलेंस्की ने अमेरिका का दौरा किया। उनकी उम्मीद थी कि ट्रंप यूक्रेन के समर्थन में आएंगे, लेकिन स्थिति इसके विपरीत रही।

👉 बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई।
👉 ट्रंप ने जेलेंस्की की बातों को अमेरिका का अपमान बताया।
👉 विवाद बढ़ने पर ट्रंप ने बैठक बीच में रोक दी और जेलेंस्की से व्हाइट हाउस छोड़ने के लिए कहा।

व्हाइट हाउस में ट्रंप-जेलेंस्की की बैठक बनी विवाद की वजह
प और जेलेंस्की की बहस ने अमेरिका-यूक्रेन रिश्तों में नया मोड़ ला दिया है। क्या अब अमेरिका यूक्रेन की मदद जारी रखेगा? जानिए पूरी खबर

ट्रंप से समर्थन लेने में नाकाम रहे जेलेंस्की?

इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ट्रंप को यूक्रेन के पक्ष में लाना था। हालांकि, बैठक के बाद ऐसा नहीं लग रहा।

🛑 ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठाए।
🛑 उनका मानना है कि अमेरिका को यूक्रेन को दी गई मदद का मुआवजा मिलना चाहिए।
🛑 ट्रंप ने यह भी संकेत दिए कि वह अमेरिका को इस युद्ध से दूर रखना चाहते हैं।

अमेरिका से मदद पर विवाद – ट्रंप की शर्तें क्या हैं?

बैठक के दौरान ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि अमेरिका को यूक्रेन को दी गई आर्थिक मदद का लाभ मिलना चाहिए

💰 अमेरिका को इस सहायता के बदले 500 अरब डॉलर मिलना चाहिए।
💰 ट्रंप ने कहा कि वह 350 अरब डॉलर पर भी सहमत हो सकते हैं।
💰 उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यूक्रेन को कोई सुरक्षा गारंटी नहीं दी जाएगी।

जेलेंस्की की प्रतिक्रिया – “अगर पुतिन को नहीं रोका गया तो…”

ट्रंप की शर्तों पर जेलेंस्की ने असहमति जताई। उन्होंने जवाब दिया कि यह युद्ध रूस और अमेरिका के बीच नहीं, बल्कि रूस और यूक्रेन के बीच है

📢 “अगर पुतिन को नहीं रोका गया, तो वह पोलैंड सहित अन्य देशों पर हमला कर सकते हैं।”
📢 “हम चाहते हैं कि अमेरिका हमारे साथ खड़ा रहे, न कि हमें अकेला छोड़ दे।”

ट्रंप ने जेलेंस्की पर क्यों नाराजगी जताई?

🔴 ट्रंप को जेलेंस्की की बातें पसंद नहीं आईं।
🔴 उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन शांति नहीं चाहता
🔴 ट्रंप ने कहा, “आप लाखों लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं और तीसरे विश्व युद्ध का जुआ खेल रहे हैं।”
🔴 इसके अलावा, उन्होंने जेलेंस्की को अमेरिका के प्रति आभार प्रकट करने की सलाह दी

ट्रंप का बयान – “जब शांति के लिए तैयार होंगे, तभी दोबारा आएं”

बैठक के बाद ट्रंप ने आधिकारिक बयान जारी किया

💬 “अब यह साफ हो गया है कि जेलेंस्की तब तक शांति वार्ता के लिए तैयार नहीं हैं जब तक अमेरिका इसमें शामिल है। उन्होंने अमेरिका का अपमान किया है। जब वह वास्तव में शांति के लिए तैयार होंगे, तभी दोबारा आ सकते हैं।”

दुनिया दो हिस्सों में बंटी – कौन किसके साथ?

इस बहस के बाद वैश्विक राजनीति दो हिस्सों में बंट गई

✔️ ट्रंप के समर्थन में – कई रिपब्लिकन नेता और अमेरिकी नागरिक
✔️ जेलेंस्की के समर्थन में – यूरोपीय देशों के नेता

इस मुद्दे पर अमेरिकी खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने ट्रंप का समर्थन किया। उन्होंने कहा:
“डोनाल्ड ट्रंप का रुख अमेरिका और शांति के हित में है। जेलेंस्की लगातार अमेरिका को रूस के खिलाफ युद्ध में धकेलने की कोशिश कर रहे हैं।”

अब क्या होगा?

🚀 जेलेंस्की लंदन रवाना हो चुके हैं, जहां वह ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर द्वारा आयोजित यूक्रेन समिट में भाग लेंगे।
🚀 ट्रंप फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो निवास लौट चुके हैं। फिलहाल किसी नए वार्ता की संभावना नहीं दिख रही।
🚀 इस विवाद के बाद यूक्रेन को अमेरिका से मदद मिलना कठिन हो सकता है।

निष्कर्ष: क्या यूक्रेन को अब अमेरिका से समर्थन नहीं मिलेगा?

इस बहस के बाद कई सवाल उठ रहे हैं:

👉 क्या ट्रंप के सत्ता में आने से यूक्रेन को मदद मिलनी बंद हो जाएगी?
👉 क्या जेलेंस्की ट्रंप को अपने पक्ष में करने में नाकाम रहे?
👉 क्या अमेरिका और रूस की बढ़ती नजदीकियां यूक्रेन के लिए खतरा बनेंगी?

इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों की दिशा क्या मोड़ लेती है

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