AI कानूनी फैसले नहीं ले सकता – पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़

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AI इंसानों की तरह फैसले नहीं ले सकता: पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ का बयान

पूर्व प्रधान न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने डिजिटल क्रांति और कानूनी प्रक्रिया में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वर्चुअल अदालतें न्याय प्राप्ति को सुगम बनाती हैं, लेकिन निष्पक्ष सुनवाई की कुछ चुनौतियां भी उत्पन्न हुई हैं। AI कानूनी प्रक्रियाओं को तेज और कुशल बना सकता है, लेकिन यह इंसानी बुद्धिमत्ता और भावनाओं की बराबरी नहीं कर सकता।

AI कानूनी प्रक्रिया को सरल बनाएगा, लेकिन इंसानी सोच नहीं अपना सकता

डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि AI मुकदमों के प्रबंधन में बदलाव ला रहा है और कानूनी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बना रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मशीनें इंसान की तरह सोचने और निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं। AI केवल एक सहायक के रूप में कार्य कर सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय मानव बुद्धि पर ही निर्भर रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि कानूनी ढांचे को डिजिटल युग की वास्तविकताओं के अनुरूप ढालना आवश्यक है, ताकि न्याय प्रणाली निष्पक्ष, लचीली और भविष्य के लिए तैयार हो सके।

डिजिटल क्रांति और समानता की आवश्यकता पर जोर

वेलिंगकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने कहा कि समाज के हाशिए पर मौजूद वर्गों – अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाएं और अल्पसंख्यक – को अब भी कई बाधाओं का सामना करना पड़ता है। शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व की भूमिकाओं तक उनकी सीमित पहुँच को देखते हुए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी को समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति ने हमारे अस्तित्व को नए सिरे से परिभाषित किया है और इस तकनीकी युग में समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

AI और भविष्य की संभावनाएं

डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि AI तकनीक सही ज्ञान और जानकारी के साथ इस्तेमाल की जानी चाहिए ताकि इसका अधिकतम लाभ मिल सके। यह भविष्य में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है और कानूनी क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव ला सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नवाचार और प्रौद्योगिकी को ऐसे शासन तंत्र के साथ संतुलित किया जाना चाहिए जो समय के साथ आगे बढ़े और न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाए।

निष्कर्ष

पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ का यह बयान AI की बढ़ती भूमिका और डिजिटल क्रांति के प्रभाव को समझने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि AI कानूनी प्रक्रिया को आसान बना सकता है, लेकिन यह कभी भी मानव की जगह नहीं ले सकता। इसके साथ ही, उन्होंने न्याय में समानता और सकारात्मक नीति निर्माण पर जोर दिया ताकि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।

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